हिन्दिनी: हिन्दी कविता, शायरी और फ़िल्मी गीतों के लिरिक्स की सबसे बड़ी दुनिया
नमस्कार साथियों , ‘हिन्दिनी’ के इस मंच पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है। यह आप सभी के लिए काव…
नमस्कार साथियों , ‘हिन्दिनी’ के इस मंच पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है। यह आप सभी के लिए काव…
तुम बसी हो कण कण अंदर तुम बसी हो कण कण अंदर माँ , हम ढूढंते रह गये मंदिर में | हम…
वो काला एक बाँसुरी वाला सुध बिसरा गया मोरि रे, माखनचोर जो नंदकिशोर वो, कर गयों ओ रे मन की चोरी रे.
वो काला एक बासुँरी वाला वो काला एक बासुँरी वाला , वो काला इक बासुँरी वाला सुध बिसरा …
सावन की रुत हैं आ जा माँ सावन की रुत हैं आ जा माँ, हम झूला तुझे झूलायगें...
सावन की रुत हैं आ जा माँ, हम झूला तुझे झूलायगें. फूलों से सजायेंगे तूझको, मेंहदी हाथों में लगायेंग…
तुम बसी हो कण कण अंदर माँ, हम ढुढंते रह गये मंदिर में. हम मूढमति हम अज्ञानी, माँ सार तुम्हारा क्या…
सावन की रुत हैं आ जा माँ सावन की रुत हैं आ जा माँ , हम झूला तुझे झूलायगें फूलों से…