Nar ho, na nirash karo man ko - Maithilisharan Gupt नर हो, न निराश करो मन को/मैथिलीशरण गुप्त - हिन्दिनी
कुछ काम करो, कुछ काम करो जग में रह कर कुछ नाम करो यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो समझो जिसमें यह व्यर्थ …
कुछ काम करो, कुछ काम करो जग में रह कर कुछ नाम करो यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो समझो जिसमें यह व्यर्थ …
फिर एक बार मैं कम्पन हूँ तू करुण राग मैं आँसू हूँ तू है विषाद , मैं मदिरा तू उसका खुमार मैं छा…
हिन्दू तन-मन , हिन्दू जीवन , रग-रग हिन्दू मेरा परिचय॥ मैं शंकर का वह क्रोधानल कर सकता…